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सफलता की गाथा
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| (चित्तूर जिले के मदन पल्ली विकासखण्ड के वेलिगल्लू गांव निवासी दुग्धोत्पादक किसान की सफलता) |
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वेलिगल्लू गांव के किसान वेंकट रेड्डी ने मार्च,२००० में बछिया के साथ संकर नस्ल की एक गाय खरीदी ।
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उसी दौरान जे.के.ट्रस्ट ग्राम विकास योजना ने वेल्लिगल्लू गांव में एकीकृत पशुधन विकास केंद्र स्थापित किया । उसने जे.के.ट्रस्ट ग्राम विकास योजना के विकास अधिकारियों व 'गोपाल' की सेवायें व सलाह ली । उस गाय ने जो उसने मार्च, २००० में खरीदी थी, ३ साल में ३ बच्चे पैदा किये । वह बछिया जो गाय के साथ आयी थी, कलौर बन गयी और कृत्रिम गर्भाधान के जरिए उसने २ बछियों को जन्म दिया ।
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उसकी अधिकांश गायें कृत्रिम गर्भाधान से गाभिन हुईं । उस गाय की कलोर बछिया जो किसान के घर में पैदा हुई थी, वह भी कृत्रिम गर्भाधान से गाभिन हुई और उसने भी एक बछिया को जन्म दिया, इसी तरह से दूसरी कलोर भी गाभिन हो गयी ।
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तीन साल में उसके डेरी फार्म में दो से बढ़कर ८ पशु हो गये । इस समय उनकी कुल कीमत लगभग रुपये ५०,०००/- (अमेरिकन डॉलर ११००) है । इस समय उस किसान के पास ३ गायें और ५ कलोर हैं ।
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तीन साल की इस अवधि में उसने लगभग १६,२०० लीटर दूध का उत्पादन किया, जिसकी कीमत लगभग रुपये १,६२,०००/- (अमेरिकी डॉलर ३,६००) थी । दोनों गायों ने अपनी पहली दुग्ध-उत्पादन अवधि में औसतन २,४०० लीटर दूध दिया और किसान ने रुपये १,११,०००/- (अमेरिकी डॉलर २,५००) का शुध्द लाभ कमाया और अपने पारिवारिक दायित्वों को निभाने तथा दो लड़कियों की शादी कराने में सक्षम हुआ ।
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यहां इस मॉडल के द्वारा यह दिखाया गया है, कि उचित प्रजनन प्रबंधन की बदौलत किस तरह से ग्रामीण जनसंख्या की समूची आर्थिक स्थिति को बदला जा सकता है । 'गोपाल' श्री के. वेंकटरमन को जिनका अतीत में सर्वोत्तम सेवा प्रदान करने का सतत रिकॉर्ड रहा है, उनके पयासों हेतु जिले के "सबसे सक्षम गोपाल" की उपाधि प्रदान की गयी । जे.के.ट्रस्ट ग्राम विकास योजना के पशुचिकित्सकों ने इन प्रयासों में आधार उत्प्रेरक की सफल भूमिका का निर्वाह किया ।
टिप्पणी : रुपयों का अमेरिकी डॉलर में परिवर्तन विद्यमान विनिमय दर के आधार पर किया गया है । | |
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