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इतिहास
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- १९७०- रेमण्ड लिमिटेड ने धुले (महाराष्ट्र) में भेड़ प्रबंधन, पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रजनन संबंधी अनुसंधान हेतु भेड़ प्रजनन फार्म की स्थापना की ।
- १९७७- रेमण्ड भारत का पहला संगठन बना जिसने भेड़ में भ्रूण-अंतरण की सर्वपथम शुरआत की ।
- १९८३- पशुयों हेतु एक सर्व सुविधायुक्त 'रेमण्ड भ्रूण अनुसंधान केंद्र' (रे.भू.अ.के.) स्थापित किया गया, बाद में जिसे छत्तिसगढ़ राज्य में बिलासपुर के नजदीक गोपाल नगर में स्थानान्तरित कर दिया गया ।
- पशुयों में भ्रूण अंतरण के क्षेत्रमें अग्रणी व व्यापक कार्य के लिए इस केंद्र को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली ।
- रेमण्ड भ्रूण अनुसंधान केंद्र की भ्रूण अंतरण प्रयोगशाला को कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्रदान की गयी है ।
| १९९७ - जे.के.ट्रस्ट ग्राम विकास योजना (जे.के.ट्र.ग्रा.वि.यो.) की स्थापना की गई । जिसका मुख्य उद्देश तीन दशकों में हासिल की गयी तकनीकी दक्षता का लाभ किसानों को बेहतर ढंग से प्रदान करना है । | |
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